Madhya Pradesh News: मध्य प्रदेश के खरगोन की महाकुंभ वायरल गर्ल मोनालिसा भोंसले की शादी विवादों में घिर गई है। मोनालिसा ने हाल ही में मुस्लिम बॉयफ्रेंड फरमान खान से केरल में निकाह किया था। अब राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग ने इस पर सख्त कदम उठाया है। आयोग ने खरगोन पुलिस अधीक्षक को नोटिस जारी कर मोनालिसा की उम्र जांचने के आदेश दिए हैं। इस मामले ने देश में हलचल मचा दी है। पुलिस जांच के बाद इस शादी का असली सच सबके सामने आ जाएगा।
क्या है पूरा मामला और क्यों उठे उम्र पर सवाल
यह पूरा विवाद मोनालिसा के एक पुराने वीडियो से गहराई से जुड़ा हुआ है। प्रयागराज महाकुंभ 2025 के दौरान रुद्राक्ष बेचते हुए उनका एक वीडियो सोशल मीडिया पर खूब वायरल हुआ था। उस वायरल वीडियो में मोनालिसा ने अपनी उम्र महज 16 साल बताई थी। इसी आधार पर 27 मार्च को मानवाधिकार आयोग में एक शिकायत दर्ज कराई गई। शिकायतकर्ता ने दावा किया कि यह लड़की नाबालिग है और शादी के दस्तावेजों में फर्जीवाड़ा करके उसकी उम्र ज्यादा बताई गई है।
आयोग ने एसपी से सात दिन में मांगी रिपोर्ट
मामले की गंभीरता को देखते हुए राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग ने मामले पर तुरंत संज्ञान लिया। आयोग ने मध्य प्रदेश के खरगोन एसपी डॉ. रविंद्र वर्मा को सख्त निर्देश जारी किए हैं। पुलिस अधीक्षक को अगले सात दिनों के भीतर अपनी जांच रिपोर्ट आयोग के सामने पेश करनी होगी। इसके अलावा आयोग ने मध्य प्रदेश और केरल के पुलिस महानिदेशक और मुख्य सचिव को भी निर्देश दिए हैं। दोनों राज्यों के अधिकारियों को इस संवेदनशील मामले में आपस में समन्वय बनाना होगा।
परिवार और समाज ने भी लगाए गंभीर आरोप
मोनालिसा और फरमान की शादी के बाद से ही यह विवाद थमने का नाम नहीं ले रहा है। मोनालिसा के पिता जयसिंह भोंसले और मां लता भोंसले ने इस निकाह पर कड़ा विरोध जताया है। परिजनों का आरोप है कि फरमान ने धोखे से एक नाबालिग लड़की से शादी रचाई है। फिल्म डायरेक्टर सनोज मिश्रा ने भी लड़की के नाबालिग होने का दावा किया है। हालांकि, कुछ समय पहले मोनालिसा ने खुद मीडिया के सामने आकर खुद को पूरी तरह बालिग बताया था।
नाबालिग साबित होने पर दर्ज हो सकती है एफआईआर
खरगोन पुलिस अब इस पूरे मामले की बहुत गहनता से जांच कर रही है। पुलिस अधीक्षक डॉ. रविंद्र वर्मा ने राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग का नोटिस मिलने की पुष्टि कर दी है। पुलिस अब मोनालिसा के जन्म प्रमाण पत्र और शैक्षणिक दस्तावेजों की बारीकी से जांच करेगी। अगर पुलिस जांच में लड़की वास्तव में नाबालिग पाई जाती है, तो तुरंत पॉक्सो एक्ट और बाल विवाह निषेध अधिनियम के तहत एफआईआर दर्ज होगी। इसके साथ ही लड़की की सुरक्षा भी सुनिश्चित की जाएगी।

