Maharashtra News: मशहूर पार्श्व गायिका आशा भोसले की तबीयत अचानक बिगड़ गई है। 92 साल की इस दिग्गज गायिका को मुंबई के जाने-माने ब्रीच कैंडी अस्पताल में भर्ती कराया गया है। उनके अस्पताल जाने की खबर मिलते ही देशभर में करोड़ों फैंस काफी चिंतित हो गए हैं। हर कोई चहेती गायिका के जल्द स्वस्थ होने की दुआ मांग रहा है। डॉक्टर उनका इलाज कर रहे हैं और परिवार उनके साथ अस्पताल में ही मौजूद है।
पोती जनाई भोसले ने दी हेल्थ अपडेट
आशा भोसले की पोती जनाई भोसले ने सोशल मीडिया पर उनकी सेहत की जानकारी दी है। उन्होंने एक ट्वीट में बताया कि दादी को थकान और सीने में इन्फेक्शन के कारण अस्पताल लाना पड़ा। जनाई ने फैंस और मीडिया से इस मुश्किल समय में परिवार की प्राइवेसी का सम्मान करने की अपील की है। उन्होंने भरोसा जताया है कि इलाज सही दिशा में चल रहा है और जल्द ही दादी पूरी तरह से ठीक होकर घर लौट आएंगी।
डॉक्टरों की निगरानी और गायिकी का सफर
ब्रीच कैंडी अस्पताल के वरिष्ठ डॉक्टर प्रति समदानी ने आशा भोसले के अस्पताल में भर्ती होने की पुष्टि की है। दिग्गज गायिका उनके नेतृत्व में डॉक्टरों की कड़ी निगरानी में हैं। आशा भोसले ने साल 1950 में अपने शानदार संगीत करियर की शुरुआत की थी। बड़ी बहन लता मंगेशकर के मशहूर होने के बावजूद उन्होंने अपनी एक अलग और खास पहचान बनाई। फिल्म संगदिल, परिणीता और बूट पॉलिश जैसी फिल्मों से उन्होंने लोगों के दिलों में अपनी जगह बनाई।
ओपी नैय्यर के साथ मिली असली कामयाबी
दिग्गज गायिका ने मशहूर संगीतकार ओपी नैय्यर के साथ कई बेहतरीन गानों में आवाज दी। साल 1957 में आई सुपरहिट फिल्म नया दौर ने उन्हें सफलता के मुकाम पर पहुंचा दिया। इस दौर में मोहम्मद रफी के साथ उनकी जोड़ी बहुत मशहूर हुई थी। इन दोनों ने मांग के साथ तुम्हारा और उड़ें जब जब जुल्फें तेरी जैसे सदाबहार गीत गाकर इतिहास रच दिया। ये पुराने गाने आज भी संगीत प्रेमियों की पहली पसंद बने हुए हैं।
डांस नंबर्स और गजल गायकी में भी दिखाया कमाल
साल 1966 में आरडी बर्मन के साथ तीसरी मंजिल के गाने गाकर उन्होंने नया ट्रेंड शुरू किया। उन्होंने पिया तू अब तो आजा और ये मेरा दिल जैसे बेहतरीन डांस नंबर्स गाकर सबको हैरान कर दिया। इसके अलावा उन्होंने गजल गायकी में भी गहरी छाप छोड़ी और नेशनल अवॉर्ड भी जीता। 91 साल की उम्र में उन्होंने दुबई में लाइव कॉन्सर्ट करके युवा पीढ़ी को भी अपना मुरीद बना लिया था। हर कोई उनके जज्बे को सलाम करता है।

