Himachal News: हिमाचल प्रदेश के सिरमौर जिले में एक बेहद दर्दनाक सड़क हादसा हुआ है। नौहराधार तहसील के चाढ़ना के पास आधी रात को एक स्विफ्ट कार गहरी खाई में गिर गई। इस भयानक हादसे में दो लोगों की मौके पर ही मौत हो गई। वहीं एक अन्य व्यक्ति बुरी तरह से घायल हो गया। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर राहत कार्य तुरंत शुरू कर दिया है। घायल को इलाज के लिए अस्पताल भेजा गया है।
कुपवी से बद्दी जा रही थी तेज रफ्तार कार
यह सड़क हादसा बीती रात करीब तीन बजे के आसपास पेश आया। एक स्विफ्ट कार शिमला जिले के कुपवी क्षेत्र से सोलन के बद्दी की तरफ जा रही थी। हरिपुरधार-नौहराधार मार्ग पर चाढ़ना के पास चालक ने कार से अपना नियंत्रण खो दिया। इसके बाद अनियंत्रित कार सीधे भवाई वाली सड़क के पास बहुत गहरी खाई में जा समाई। रात का गहरा अंधेरा होने के कारण हादसे का तुरंत पता नहीं चल सका।
हादसे में जान गंवाने वालों की हुई शिनाख्त
पुलिस ने मृतकों और घायल की सही पहचान कर ली है। इस हादसे में झारखंड के टीटागढ़ निवासी गुलशन की दुखद जान चली गई। वहीं शिमला के कुपवी निवासी नरेश कुमार ने भी मौके पर ही दम तोड़ दिया। गाड़ी को कांगड़ा जिले के फतेहपुर निवासी विपिन कुमार चला रहा था। हादसे में चालक विपिन कुमार बहुत ही गंभीर रूप से घायल हो गया है। उसकी हालत अस्पताल में अभी भी नाजुक बनी हुई है।
संगड़ाह पुलिस टीम ने चलाया कड़ा रेस्क्यू ऑपरेशन
सड़क हादसे की भनक लगते ही संगड़ाह थाने की पुलिस तुरंत मौके पर पहुंची। खाई बहुत ज्यादा गहरी थी और रात के अंधेरे की वजह से रेस्क्यू में काफी दिक्कतें आईं। स्थानीय ग्रामीणों की मदद से पुलिस ने भारी मशक्कत के बाद शवों को बाहर निकाला। घायल चालक को भी रस्सियों के सहारे तुरंत खाई से सुरक्षित बाहर निकाला गया। इसके बाद घायल को तुरंत एंबुलेंस से नजदीकी सिविल अस्पताल पहुंचाया गया।
राजगढ़ अस्पताल में होगा मृतकों का पोस्टमार्टम
पुलिस टीम ने दोनों मृतकों के शवों को अपने कब्जे में ले लिया है। कानूनी प्रक्रिया के तहत शवों को पोस्टमार्टम के लिए राजगढ़ के सिविल अस्पताल भेज दिया गया है। पोस्टमार्टम की प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही शव परिजनों को सौंप दिए जाएंगे। पुलिस ने हादसे की जानकारी मृतकों के परिवार वालों को दे दी है। इस दर्दनाक हादसे की दुखद खबर मिलते ही दोनों पीड़ित परिवारों में भारी मातम पसर गया है।
पुलिस अधीक्षक ने की सड़क हादसे की पुष्टि
सिरमौर के पुलिस अधीक्षक एनएस नेगी ने इस दर्दनाक दुर्घटना की आधिकारिक पुष्टि की है। उन्होंने बताया कि पुलिस हादसे के असल कारणों की बेहद गहन जांच कर रही है। अभी तक यह साफ नहीं हो पाया है कि गाड़ी अनियंत्रित कैसे हुई। क्या चालक को नींद आ गई थी या फिर गाड़ी में कोई तकनीकी खराबी आ गई थी। पुलिस हर संभावित पहलू को ध्यान में रखकर मामले की कड़ी तफ्तीश कर रही है।
पहाड़ी रास्तों पर रात के सफर में रहता है भारी जोखिम
हिमाचल के पहाड़ी रास्तों पर रात का सफर हमेशा बहुत खतरनाक होता है। घुमावदार सड़कों पर हल्की सी चूक भी जानलेवा साबित हो सकती है। प्रशासन लगातार लोगों से रात में बहुत सतर्कता से वाहन चलाने की अपील करता है। तेज गति और नींद का झोंका अक्सर ऐसे बड़े और दर्दनाक हादसों का मुख्य कारण बनते हैं। ड्राइवरों को खतरनाक मोड़ों पर विशेष सावधानी बरतने की बहुत ज्यादा जरूरत होती है।
हादसे के बाद इलाके में पसरा भारी मातम
इस दर्दनाक सड़क दुर्घटना ने पूरे इलाके को पूरी तरह हिलाकर रख दिया है। झारखंड से लेकर हिमाचल तक पीड़ित परिवारों के घरों में भारी चीख-पुकार मची हुई है। रोजी-रोटी के सिलसिले में सफर कर रहे ये लोग अचानक अकाल मौत का शिकार हो गए। स्थानीय प्रशासन ने पीड़ित परिवारों को अपनी तरफ से हर संभव मदद का भरोसा दिया है। घायल चालक के जल्द से जल्द स्वस्थ होने की भी प्रार्थना की जा रही है।
सड़क किनारे क्रैश बैरियर लगाने की उठी जोरदार मांग
इस भयानक हादसे के बाद स्थानीय लोगों ने प्रशासन के सामने एक अहम मांग रखी है। लोगों का स्पष्ट कहना है कि दुर्घटना संभावित क्षेत्रों में क्रैश बैरियर जल्द लगाए जाएं। तीखे और अंधे मोड़ों पर सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम होना बहुत ज्यादा जरूरी है। अगर सड़क के किनारे लोहे के मजबूत बैरियर होते, तो शायद यह कार खाई में नहीं गिरती। प्रशासन को इस दिशा में तुरंत और बेहद कड़े कदम उठाने चाहिए।

