New Delhi News: मशहूर उद्योगपति अनिल अंबानी की मुश्किलें एक बार फिर काफी बढ़ गई हैं। केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) ने उनके खिलाफ एक बड़ा एक्शन लिया है। सीबीआई ने अनिल अंबानी और उनकी कंपनी रिलायंस कम्युनिकेशंस के खिलाफ नया केस दर्ज किया है। आरोप है कि उन्होंने सरकारी बीमा कंपनी एलआईसी (LIC) को 3,750 करोड़ रुपये का भारी नुकसान पहुंचाया है। इस मामले में कुछ सरकारी अधिकारियों की भूमिका भी संदिग्ध है। यह पूरी कार्रवाई एलआईसी की एक गंभीर शिकायत के बाद की गई है।
एलआईसी को कैसे लगाया गया हजारों करोड़ का चूना?
सीबीआई के मुताबिक, एलआईसी को 4,500 करोड़ रुपये के ‘नॉन-कन्वर्टिबल डिबेंचर’ खरीदने के लिए उकसाया गया था। रिलायंस कम्युनिकेशंस ने अपनी वित्तीय स्थिति और संपत्तियों के बारे में झूठी और भ्रामक जानकारी दी थी। इसी जाल में फंसकर एलआईसी ने यह भारी निवेश कर दिया। बाद में जब एलआईसी को 3,750 करोड़ रुपये से ज्यादा का नुकसान हुआ, तो हड़कंप मच गया। इसके बाद एलआईसी ने पूरे मामले की गहराई से जांच के लिए फोरेंसिक ऑडिट का सख्त आदेश दिया था।
फोरेंसिक ऑडिट की रिपोर्ट ने खोल दिए सारे राज
यह नया केस बीडीओ (BDO) इंडिया की फोरेंसिक ऑडिट रिपोर्ट पर पूरी तरह आधारित है। यह रिपोर्ट 15 अक्टूबर 2020 को सौंपी गई थी। इस रिपोर्ट ने कंपनी के कई बड़े और फर्जी घोटालों का भंडाफोड़ किया। रिपोर्ट में बताया गया कि बैंकों से लिए गए पैसों का जमकर गलत इस्तेमाल हुआ है। सहायक कंपनियों के जरिए पैसों की भारी हेराफेरी की गई। इसके अलावा फर्जी बिल बनाने और संपत्तियों की कीमत को बढ़ा-चढ़ाकर दिखाने के गंभीर आरोप भी जांच में सही पाए गए हैं।
अनिल अंबानी पर कसता जा रहा है सीबीआई का शिकंजा
रिलायंस कम्युनिकेशंस और अनिल अंबानी के खिलाफ यह चौथा बड़ा आपराधिक मामला है। सीबीआई ने इससे पहले बैंक धोखाधड़ी से जुड़े तीन अहम केस भी दर्ज किए थे। उन मामलों में भी हजारों करोड़ रुपये के गबन का बड़ा आरोप है। यह नया केस भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम और धोखाधड़ी की धाराओं के तहत दर्ज हुआ है। अब सीबीआई की टीम इन सभी फर्जीवाड़ों की कड़ियों को जोड़ने में जुटी है। इस बड़े एक्शन से कॉर्पोरेट जगत में भारी खलबली मची हुई है।

