Himachal News: हिमाचल प्रदेश के कांगड़ा जिले से भ्रष्टाचार का एक बेहद हैरान करने वाला मामला सामने आया है। यहां एक पुलिसकर्मी ने चालान के नाम पर युवक से गूगल पे (G-Pay) के जरिए सरेआम रिश्वत मांगी। पुलिस वाले ने युवक से कहा कि जल्दी कर इतना टाइम नहीं है। इस पूरी घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। पीड़ित युवक ने मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू से इस भ्रष्ट पुलिस वाले के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है।
मंदिर दर्शन कर लौट रहे युवक को पुलिस ने रोका
नालागढ़ के भटोली गांव का रहने वाला युवक मोहित कुमार अपने दोस्त के साथ माता के दर्शन करने गया था। दोनों युवक बाइक से कांगड़ा के प्रसिद्ध बंगलामुखी माता मंदिर गए थे। दर्शन करने के बाद दोनों युवक देहरा की तरफ वापस लौट रहे थे। मंदिर से करीब दो से तीन किलोमीटर आगे पुलिस ने उन्हें चेकिंग के लिए रोक लिया। पुलिस के जवान ने सबसे पहले मोहित से ड्राइविंग लाइसेंस मांगा। मोहित ने तुरंत अपना लाइसेंस दिखा दिया। इसके बाद पुलिस ने बाइक के पॉल्यूशन सर्टिफिकेट की मांग की।
‘पांच हजार का चालान कटेगा या एक हजार दे दो’
मोहित के पास उस समय पॉल्यूशन की कॉपी नहीं थी। उसने पुलिस को बताया कि वह अपने भाई को फोन करके कॉपी मंगवा रहा है। मोहित ने भाई को फोन किया लेकिन उसने फोन नहीं उठाया। इस पर ड्यूटी पर तैनात पुलिसकर्मी ने उसे धमकाना शुरू कर दिया। जवान ने साफ कहा कि पांच हजार रुपये का चालान कटेगा और कोर्ट जाना पड़ेगा। अगर बचना चाहते हो तो एक हजार रुपये यहीं दे दो और मामला खत्म करो।
गूगल पे पर फेल हुई ट्रांजेक्शन तो काट दिया चालान
पीड़ित युवक ने पुलिस वाले से कहा कि उसके पास नकद पैसे नहीं हैं। इस पर पुलिसकर्मी ने बिना किसी डर के उसे गूगल पे करने को कह दिया। पुलिस वाले ने नीरज कुमार नाम के एक गूगल पे अकाउंट पर पैसे ट्रांसफर करने के लिए कहा। युवक ने घबराहट में पैसे ट्रांसफर किए लेकिन ट्रांजेक्शन फेल हो गई। रिश्वत के पैसे नहीं मिलने पर गुस्साए पुलिसकर्मी ने युवक का पांच हजार रुपये का चालान काट दिया।
पीड़ित ने सीएम सुक्खू से लगाई न्याय की गुहार
मोहित ने इस पूरी घटना का वीडियो बनाकर इंटरनेट पर वायरल कर दिया। पीड़ित ने बताया कि वह एक बेहद गरीब परिवार से ताल्लुक रखता है। वह दिन-रात मजदूरी करके अपने परिवार का पेट पालता है। उसके लिए पांच हजार रुपये का भारी चालान भरना पूरी तरह से असंभव है। मोहित ने पुलिसकर्मी पर गाली-गलौज और धमकाने का भी आरोप लगाया है। उसने मुख्यमंत्री सुक्खू और विजिलेंस विभाग से इंसाफ की गुहार लगाई है। देहरा के एसपी मयंक चौधरी ने इस मामले पर अभी तक कोई भी जवाब नहीं दिया है।


