Himachal News: हिमाचल प्रदेश के सिरमौर जिले में जमीन विवाद ने हिंसक रूप ले लिया है। राजगढ़ थाना क्षेत्र के खालटू गांव में दो गुटों के बीच खूनी संघर्ष हुआ। दोनों पक्षों ने एक-दूसरे पर लाठी-डंडों और तेज हथियारों से जानलेवा हमला किया है। पुलिस ने इस गंभीर मामले में क्रॉस एफआईआर दर्ज कर ली है। इस घटना से पूरे इलाके में दहशत का माहौल बन गया है। पुलिस मामले की बहुत बारीकी से जांच कर रही है ताकि सच्चाई का पूरी तरह से पता चल सके।
तार लगाने गए युवकों पर अचानक हुआ जानलेवा हमला
चंडीगढ़ निवासी हरकीरत सिंह ने पुलिस को अपनी शिकायत दी है। उन्होंने बताया कि तीन अप्रैल को वह अपने दोस्त अभिषेक कटोच की जमीन पर जा रहे थे। उनके साथ कुल्लू निवासी दर्पण कुमार और कुछ मजदूर भी थे। उनका मकसद अपनी जमीन पर कंटीली तार लगाना था। सुबह करीब नौ बजे खालटू गांव के निवासी मनमोहन सिंह और ऋषभ चौहान ने उनका रास्ता रोक लिया। उन लोगों ने अचानक डंडों और पत्थरों से उन पर जानलेवा हमला कर दिया। इस हमले में उन्हें चोटें आई हैं।
रास्ते के विवाद ने लिया खूनी संघर्ष का भयानक रूप
दूसरे पक्ष के मनमोहन सिंह ने भी अपनी शिकायत पुलिस को दी है। उन्होंने बताया कि उनकी पुश्तैनी जमीन खालटू सड़क के नीचे स्थित है। राजेंद्र रावत नाम के व्यक्ति ने उनसे छह फुट का रास्ता मांगा था। यह सौदा साढ़े बारह लाख रुपए में तय हुआ था। लेकिन बाद में सड़क बारह से चौदह फुट चौड़ी बना दी गई। राजेंद्र रावत ने उन्हें केवल साढ़े पांच लाख रुपए ही दिए। बाकी पैसे और पानी का बोर करवाने का वादा अभी तक पूरा नहीं किया गया है।
तेज हथियारों से किया वार, पुलिस कर रही मामले की जांच
मनमोहन ने पशुओं की सुरक्षा के लिए लिंक रोड पर एक गेट लगाया था। तीन अप्रैल को हरकीरत और दर्पण वहां एक गाड़ी से पहुंचे। जब मनमोहन ने उनसे जमीन के कागजात मांगे तो वे भड़क गए। उन्होंने जबरन गेट के अंदर घुसकर मनमोहन और उनके बेटे पर तेज हथियारों से हमला कर दिया। इस हमले में दोनों बुरी तरह घायल हो गए। सिरमौर के एसपी एनएस नेगी ने मामले की पुष्टि की है। उन्होंने कहा कि पुलिस दोनों क्रॉस एफआईआर की बहुत बारीकी से जांच कर रही है।

