Himachal Pradesh News: हिमाचल के कुल्लू जिले में औट-लुहरी-सैंज हाईवे अब मौत का रास्ता बन चुका है। हाल ही में सोझा में हुए दर्दनाक टेंपो हादसे ने सबको डरा दिया है। इस खतरनाक मार्ग पर सफर करना जान दांव पर लगाने जैसा है। लगातार हो रहे हादसों ने लोगों में भारी दहशत पैदा कर दी है। सड़क की खस्ता हालत और सरकारी अनदेखी से स्थिति बहुत गंभीर है। अब यह मामला हिमाचल हाईकोर्ट पहुंच गया है।
पांच साल में हुए सैकड़ों हादसे
पिछले पांच वर्षों के दुर्घटना आंकड़े काफी डरावने हैं। इस हाईवे पर कुल 298 दुर्घटनाएं दर्ज हो चुकी हैं। साल 2024-25 में ही सबसे ज्यादा 71 हादसे हुए हैं। बंजार से जलोड़ी जोत तक यह हाईवे गड्ढों में तब्दील हो चुका है। लगभग 97 किलोमीटर लंबा यह मार्ग 10,280 फीट ऊंचे जलोड़ी दर्रे से गुजरता है। इस जर्जर सड़क पर गाड़ी चलाना किसी बड़े खतरे को दावत देने से कम नहीं है।
तकनीकी खामी और ब्रेक फेल का डर
इन हादसों की सबसे बड़ी वजह लगातार चढ़ाई और तीखी उतराई है। इस कारण वाहनों के ब्रेक पर बहुत अधिक दबाव पड़ता है। ब्रेक गर्म होकर अचानक काम करना बंद कर देते हैं। स्थानीय ड्राइवर भारी गियर का इस्तेमाल करके वाहन सुरक्षित निकालते हैं। लेकिन बाहरी राज्यों के ड्राइवरों को इस जानलेवा खतरे की भनक नहीं होती। सोझा में हुए हालिया हादसे का मुख्य कारण भी ब्रेक फेल होना ही सामने आया है।
लाखों लोगों की जीवनरेखा खतरे में
यह राष्ट्रीय राजमार्ग आउटर सिराज, बंजार, गाड़ागुशैणी और बालीचौकी के करीब दो लाख लोगों की जीवनरेखा है। इसके साथ ही रोजाना हजारों बाहरी पर्यटक भी इसी रास्ते से यात्रा करते हैं। भीड़ बढ़ने से दुर्घटना का जोखिम भी कई गुना बढ़ जाता है। स्थानीय निवासियों और विधायक सुरेंद्र शौरी ने कई बार सड़क सुधार की मांग उठाई है। लेकिन प्रशासन की तरफ से आज तक कोई भी ठोस कदम नहीं उठाया गया है।
हाईकोर्ट पहुंचा सड़क की बदहाली का मामला
प्रशासनिक लापरवाही के बाद अब यह मामला अदालत पहुंच गया है। कुल्लू बार एसोसिएशन के अध्यक्ष तेजा सिंह ठाकुर ने हिमाचल हाईकोर्ट में याचिका दायर की है। उन्होंने सड़क रखरखाव की कमी और सुरक्षा उपायों के अभाव का कड़ा विरोध किया है। हाईकोर्ट ने भी राज्य सरकार और राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण से जवाब तलब किया है। सोझा, घियागी और जलोड़ा जैसे ब्लैक स्पॉट्स को तुरंत सुरक्षित बनाने की मांग तेज हो गई है।


