Himachal News: हिमाचल प्रदेश के ज्वालामुखी में पुलिस ने नशे के खिलाफ एक बड़ी कामयाबी हासिल की है। पुलिस टीम ने 71 ग्राम चरस के साथ एक 22 वर्षीय युवक को रंगे हाथों गिरफ्तार किया है। यह युवक नगर परिषद ज्वालामुखी के पूर्व उपाध्यक्ष का बेटा है। इस हाई-प्रोफाइल गिरफ्तारी से पूरे इलाके में हड़कंप मच गया है। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट के तहत मामला दर्ज कर लिया है और आगे की जांच शुरू कर दी है।
आधी रात को पुलिस नाके पर ऐसे खुला राज
ज्वालामुखी पुलिस की टीम आधी रात को गश्त पर थी। पुलिस ने चोहडन (गजू दा बाग) के पास नाकाबंदी कर रखी थी। इसी दौरान टीम ने एक संदिग्ध मोटरसाइकिल को रोका। पुलिस ने शक के आधार पर बाइक चालक की तलाशी ली। तलाशी के दौरान उसके पास से 71 ग्राम चरस बरामद हुई। पुलिस ने तुरंत आरोपी सूर्या गोस्वामी को हिरासत में ले लिया। वह वार्ड नंबर-7 का निवासी है और शिव कुमार गोस्वामी का बेटा है।
ड्रग्स नेटवर्क खंगाल रही है पुलिस
एसपी देहरा मयंक चौधरी ने इस गिरफ्तारी की पुष्टि की है। उन्होंने कहा कि पुलिस इस मामले की गहराई से जांच कर रही है। पुलिस यह पता लगा रही है कि आरोपी ने चरस की यह खेप कहां से खरीदी थी। इस नशे के धंधे में और कौन लोग शामिल हैं, इसका भी पता लगाया जा रहा है। पुलिस आरोपी के मोबाइल कॉल रिकॉर्ड की जांच कर रही है। इससे नशे के पूरे नेटवर्क का पर्दाफाश हो सकेगा और अन्य तस्कर भी पकड़े जाएंगे।
नेताओं के परिजनों का नशे से जुड़ना चिंताजनक
ज्वालामुखी में किसी जनप्रतिनिधि के परिवार का नशे से जुड़ने का यह पहला मामला नहीं है। इससे पहले वार्ड नंबर-4 के पूर्व पार्षद मनु शर्मा उर्फ माल्टा को भी पुलिस ने पकड़ा था। उस पर नशा तस्करी के कई मामले दर्ज थे। वह अभी धर्मशाला जेल में अपनी सजा काट रहा है। ऐसे मामलों ने स्थानीय लोगों की चिंता बढ़ा दी है। रसूखदार परिवारों के युवाओं का नशे में लिप्त होना एक गंभीर समस्या बन चुका है।
चार महीने में ही सामने आए नशे के 10 मामले
पुलिस ने नशे के खिलाफ अपना अभियान काफी तेज कर दिया है। आंकड़े बताते हैं कि 19 से 25 साल के युवा इस काले धंधे में ज्यादा फंस रहे हैं। साल 2024 में नशे के 7 मामले सामने आए थे। वहीं 2025 में यह संख्या 8 हो गई। हैरान करने वाली बात यह है कि 2026 के शुरुआती 4 महीनों में ही 10 मामले दर्ज हो चुके हैं। हाल ही में पुलिस ने चरस की दो बड़ी खेप भी पकड़ी थीं। युवाओं का इस तरह नशे की दलदल में फंसना समाज के लिए बड़ा खतरा है।

