Himachal News: हिमाचल प्रदेश में नशे के खिलाफ पुलिस का कड़ा एक्शन लगातार जारी है। शिमला जिले के रोहड़ू में पुलिस को एक बहुत बड़ी कामयाबी मिली है। राज्य में चल रहे ‘जीरो टॉलरेंस’ अभियान के तहत पुलिस ने चार युवकों को रंगे हाथों गिरफ्तार किया है। ये सभी युवक एक गाड़ी में ‘चिट्टा’ यानी हैरोइन की तस्करी कर रहे थे। पुलिस ने सभी आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है और उनसे सख्ती से पूछताछ की जा रही है।
गुप्त सूचना पर पुलिस ने बिछाया जाल
रोहड़ू पुलिस को 30 मार्च को एक बहुत ही पक्की गुप्त सूचना मिली थी। पुलिस को बताया गया था कि सैंजी गांव का रहने वाला प्रिंस देष्टा नशीले पदार्थ की तस्करी करने वाला है। वह अपने कुछ साथियों के साथ एक गाड़ी में खेप लेकर निकलने की फिराक में था। इस सटीक सूचना के बाद पुलिस की टीम तुरंत अलर्ट हो गई। पुलिस ने मोर्चा संभाला और आने-जाने वाली गाड़ियों की कड़ी चेकिंग शुरू कर दी। इसी दौरान शक के आधार पर पुलिस ने एक वाहन को रोका।
तलाशी में निकला चिट्टा, चारों आरोपी गिरफ्तार
पुलिस ने जब उस गाड़ी की गहनता से तलाशी ली तो उसमें चार युवक बैठे मिले। उनकी बारीकी से जांच करने पर उनके पास से करीब 4 ग्राम चिट्टा बरामद हुआ। पकड़े गए युवकों की पहचान प्रिंस देष्टा, अंकित, रजनीश और वीरेंद्र के रूप में हुई है। अंकित हाटकोटी के चांदपुर का रहने वाला है और रजनीश अढाल का निवासी है। बाकी दोनों युवक सैंजी के रहने वाले हैं। पुलिस ने तुरंत नशीले पदार्थ को जब्त कर चारों को हिरासत में ले लिया।
एनडीपीएस एक्ट में केस दर्ज, पूछताछ जारी
शिमला के एसएसपी गौरव सिंह ने इस पूरी घटना की आधिकारिक पुष्टि की है। उन्होंने बताया कि रोहड़ू पुलिस थाने में एनडीपीएस एक्ट की विभिन्न धाराओं के तहत एफआईआर दर्ज की गई है। कानूनी प्रक्रिया का पालन करते हुए इनमें से तीन युवकों को भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता के तहत बाउंड डाउन किया गया है। पुलिस अब इस बात की गहराई से जांच कर रही है कि यह नशा कहां से लाया गया था। इसे आगे किस इलाके में सप्लाई किया जाना था, इसका भी पता लगाया जा रहा है।

