बाजार का रेडीमेड बैटर बना मौत का सामान: डोसा खाने से 2 मासूम बच्चियों की दर्दनाक मौत, माता-पिता की हालत बेहद गंभीर

Ahmedabad News: गुजरात के अहमदाबाद शहर से एक बेहद दर्दनाक और हैरान करने वाली घटना सामने आई है। यहां के चांदखेड़ा इलाके में बाजार से खरीदा गया रेडीमेड डोसा बैटर एक परिवार के लिए काल बन गया। इस डोसे को खाने के बाद दो मासूम बच्चियों की तड़प-तड़प कर मौत हो गई। वहीं उनके माता-पिता अस्पताल के बिस्तर पर जिंदगी और मौत के बीच झूल रहे हैं। इस दुखद घटना ने पूरे इलाके में दहशत फैला दी है। मिलावटी खाने को लेकर शहर के लोगों में अब भारी खौफ और चिंता का माहौल देखा जा रहा है।

फूड पॉइजनिंग का भयंकर शिकार हुआ पूरा परिवार

चांदखेड़ा निवासी विमल प्रजापति और उनकी पत्नी भावना प्रजापति ने स्थानीय डेयरी से घोल खरीदा था। इसे खाने के कुछ देर बाद ही परिवार के सभी सदस्यों को भयानक उल्टी और दस्त की शिकायत शुरू हो गई। देखते ही देखते यह सामान्य बीमारी गंभीर फूड पॉइजनिंग में बदल गई। इस जानलेवा स्थिति ने परिवार की तीन महीने की नन्ही बच्ची राहा की जान ले ली। चार साल की बच्ची मिश्री ने भी इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। दोनों बच्चियों की मौत से परिवार में कोहराम मच गया है।

अस्पताल में माता-पिता की हालत बनी हुई है बेहद गंभीर

इस हृदयविदारक घटना के बाद माता-पिता की स्थिति भी बहुत ज्यादा नाजुक बनी हुई है। विमल और भावना को तुरंत एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया है। डॉक्टरों की एक विशेष टीम लगातार उनकी गहन निगरानी कर रही है। दोनों की हालत अभी भी बेहद चिंताजनक बताई जा रही है। अस्पताल प्रशासन उनके बेहतर इलाज का पूरा प्रयास कर रहा है। घटना की जानकारी मिलते ही उनके सभी रिश्तेदार भी बड़ी संख्या में अस्पताल पहुंच गए हैं। हर कोई इस भयानक विपदा से गहरे सदमे में डूब गया है।

तीन महीने की मासूम बच्ची की मौत ने खड़े किए सवाल

इस पूरी घटना में तीन महीने की बच्ची राहा की दर्दनाक मौत सबसे बड़ा सवाल बन गई है। चिकित्सा विशेषज्ञों के अनुसार इतनी छोटी उम्र के बच्चे ठोस आहार बिल्कुल नहीं खाते हैं। ऐसे में उसने डोसा कैसे खाया, यह एक बहुत बड़ा रहस्य है। प्रारंभिक जांच में यह शक जताया जा रहा है कि मां की तबीयत बिगड़ने के बाद बच्ची ने स्तनपान किया होगा। इस जहरीले प्रभाव वाले दूध ने मासूम के शरीर में भयंकर जहर घोल दिया। इसी वजह से उस छोटी सी जान को दुनिया छोड़नी पड़ी।

दादा ने बयां किया परिवार का गहरा दर्द और भारी गुस्सा

विमल के पिता गौरीशंकर प्रजापति ने इस दुखद घटना का पूरा दर्दनाक घटनाक्रम बताया है। उन्होंने कहा कि उनके बेटे ने एक अप्रैल की रात आठ बजे घोल खरीदा था। यह घोल आईओसी रोड पर स्थित घनश्याम डेयरी से घर लाया गया था। अगली सुबह डोसा खाने के बाद विमल को भयंकर उल्टियां होने लगीं। परिवार को लगा कि यह कोई आम मौसमी बीमारी है। उन्हें बिल्कुल भी अंदाजा नहीं था कि असल खराबी डोसे के उस रेडीमेड घोल में है। उन्होंने पुलिस से कड़ी कानूनी कार्रवाई की मांग की है।

अनजाने में मां ने अपनी दूसरी बेटी को खिला दिया था डोसा

सच्चाई से पूरी तरह अनजान परिवार ने एक बहुत बड़ी और जानलेवा गलती कर दी। जब विमल को अस्पताल ले जाया गया, तो घर पर अन्य लोग मौजूद थे। विमल की पत्नी भावना को बैटर की खराबी के बारे में कुछ भी पता नहीं था। इसलिए उसने उसी जहरीले घोल से अपनी चार साल की बेटी के लिए डोसा बना दिया। मासूम मिश्री ने भी वह जहरीला डोसा खा लिया। कुछ ही घंटों के भीतर मां और बेटी दोनों की तबीयत बहुत ज्यादा खराब हो गई। दोनों को तुरंत अस्पताल भागना पड़ा।

डेयरी मालिक ने सभी गंभीर आरोपों को सिरे से किया खारिज

इस अत्यंत गंभीर मामले में घनश्याम डेयरी के मालिक केतन पटेल का आधिकारिक बयान भी सामने आया है। उन्होंने अपने ऊपर लगे सभी आरोपों को पूरी तरह से गलत बताया है। केतन ने स्पष्ट किया कि उनकी दुकान से रोजाना सौ किलो से ज्यादा घोल बिकता है। उसी दिन का घोल उनके कई रिश्तेदारों ने भी अपने घर में इस्तेमाल किया था। सैकड़ों अन्य ग्राहकों ने भी उसी बैच का बैटर खरीदा था। मालिक का दावा है कि किसी अन्य व्यक्ति को स्वास्थ्य संबंधी कोई भी दिक्कत बिल्कुल नहीं हुई है।

सीसीटीवी फुटेज के आधार पर डेयरी संचालक ने पेश की सफाई

डेयरी मालिक के भाई विपुलभाई ने भी इस विवादास्पद घटना पर अपनी विस्तृत सफाई पेश की है। उन्होंने दावा किया कि दुकान के सीसीटीवी फुटेज की बहुत बारीकी से पूरी जांच की गई है। प्रजापति परिवार से पहले दस ग्राहकों ने उसी ड्रम से बैटर खरीदा था। उनके बाद भी कई अन्य लोगों ने वहीं से घोल लिया था। विपुलभाई ने स्वयं उन सभी ग्राहकों से फोन पर विस्तार से बातचीत की है। उनका स्पष्ट तर्क है कि अगर घोल सच में खराब होता, तो अन्य परिवारों को भी इसका नुकसान जरूर उठाना पड़ता।

पुलिस और नगर निगम के वरिष्ठ अधिकारियों ने शुरू की सख्त जांच

घटना की सूचना मिलते ही चांदखेड़ा पुलिस की एक विशेष टीम तुरंत हरकत में आ गई। अहमदाबाद नगर निगम के खाद्य विभाग के वरिष्ठ अधिकारी भी दल बल के साथ मौके पर पहुंच गए हैं। अधिकारियों ने डेयरी और घर दोनों जगह से खाने के सैंपल सुरक्षित इकट्ठे कर लिए हैं। मामले की असली वजह जानने के लिए फोरेंसिक साइंस लेबोरेटरी की मदद ली जा रही है। पुलिस ने आसपास के कई लोगों के बयान भी दर्ज किए हैं। प्रशासन इस पूरे मामले की बहुत ही गहनता और गंभीरता के साथ निष्पक्ष जांच कर रहा है।

पोस्टमॉर्टम और फोरेंसिक रिपोर्ट से खुलेगा इस मौत का असली राज

अब इस रहस्यमय मामले का सच पोस्टमॉर्टम और फोरेंसिक रिपोर्ट आने के बाद ही पूरी तरह स्पष्ट हो पाएगा। पुलिस और स्वास्थ्य विभाग की जांच टीमें इन अहम वैज्ञानिक रिपोर्ट्स का बहुत ही बेसब्री से इंतजार कर रही हैं। इन दस्तावेजों से यह बात साफ हो जाएगी कि क्या बच्चियों की मौत महज फूड पॉइजनिंग से हुई है। या फिर उस दुकान के रेडीमेड बैटर में किसी बाहरी खतरनाक रसायन की भारी मिलावट की गई थी। फिलहाल पुलिस ने डेयरी मालिक को जांच पूरी होने तक सहयोग करने का सख्त निर्देश दिया है।

SOURCE: न्यूज एजेंसी
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