Uttar Pradesh News: उत्तर प्रदेश सरकार ने परिषदीय प्राथमिक और उच्च प्राथमिक स्कूलों के लिए शैक्षणिक सत्र 2026-27 का विस्तृत कैलेंडर जारी कर दिया है। इस नए सत्र में शिक्षा विभाग ने केवल छुट्टियों की सूची ही नहीं दी है, बल्कि बच्चों के मानसिक स्वास्थ्य और गिरती एकाग्रता पर भी फोकस किया है। सरकार का लक्ष्य छात्रों को किताबी बोझ से निकाल कर उनके व्यक्तित्व का सर्वांगीण विकास करना है। इसके लिए स्कूलों के समय में बदलाव के साथ-साथ कई अनूठे कार्यक्रम शामिल किए गए हैं।
नया सवेरा: प्रार्थना सभा में आएंगे बड़े अफसर
नए सत्र में ‘नया सवेरा’ कार्यक्रम की शुरुआत इसी महीने से हो रही है। अब हफ्ते में दो दिन शिक्षा विभाग के बड़े अधिकारी स्कूलों की प्रार्थना सभा में अनिवार्य रूप से पहुंचेंगे। ये अधिकारी बच्चों से जीवन मूल्यों, अनुशासन और रोजमर्रा की दिनचर्या पर सीधा संवाद करेंगे। इस कार्यक्रम में समाज के सफल लोगों और पुराने छात्रों को भी आमंत्रित किया जाएगा। उच्च प्राथमिक स्कूलों में बच्चों के तनाव को कम करने के लिए विशेष काउंसलिंग सत्र चलेंगे। इसमें आत्मविश्वास बढ़ाने और किशोरावस्था की समस्याओं पर विशेषज्ञों से चर्चा होगी।
मोबाइल की लत छुड़ाने के लिए पठन संस्कृति
छात्रों में बढ़ते स्क्रीन टाइम और मोबाइल के अत्यधिक प्रयोग को रोकने के लिए विभाग सख्त कदम उठा रहा है। अब प्रार्थना सभा में समाचार पत्र पढ़ना अनिवार्य कर दिया गया है। स्कूलों में पुस्तकालय की किताबों को पढ़ने के लिए विशेष समय दिया जाएगा। बच्चों को डिजिटल लत के दुष्प्रभावों जैसे आंखों की रोशनी कम होना और एकाग्रता की कमी के बारे में जागरूक किया जाएगा। कमजोर छात्रों के लिए अर्द्धवार्षिक परीक्षा के बाद विशेष क्लासेज भी लगाई जाएंगी।
75 प्रतिशत उपस्थिति और डिजिटल पढ़ाई
विभाग ने उपस्थिति के नियमों को कड़ा करते हुए 75 प्रतिशत हाजिरी अनिवार्य कर दी है। पूरे पाठ्यक्रम का मासिक विभाजन किया गया है। मई तक 20 प्रतिशत और फरवरी 2027 तक पूरा कोर्स खत्म करना होगा। कक्षा 6 से 8 तक के छात्रों को हर क्लास के आखिरी 10 मिनट आईसीटी (ICT) संसाधनों के जरिए पढ़ाया जाएगा। छात्रों के रिपोर्ट कार्ड में अब केवल अंक नहीं होंगे, बल्कि उनके पूरे व्यक्तित्व का मूल्यांकन किया जाएगा।
स्कूल का समय और छुट्टियों की लिस्ट
सरकार ने स्कूल खुलने और बंद होने के समय को दो हिस्सों में बांटा है:
- 1 अप्रैल से 30 सितंबर: स्कूल सुबह 8 बजे से दोपहर 2 बजे तक चलेंगे।
- 1 अक्टूबर से 31 मार्च: स्कूल सुबह 9 बजे से दोपहर 3 बजे तक खुलेंगे।
- सर्दियों की छुट्टियां: 31 दिसंबर से 14 जनवरी तक अवकाश रहेगा।
- गर्मियों की छुट्टियां: 20 मई से 15 जून तक स्कूल बंद रहेंगे।
शनिवार को नहीं लाना होगा बस्ता
अब परिषदीय स्कूलों में हर शनिवार ‘बैगलेस डे’ के रूप में मनाया जाएगा। इस दिन बच्चे बिना बस्ते के स्कूल आएंगे। महीने के आखिरी शनिवार को बाल मनोविज्ञान पर आधारित रोचक गतिविधियां कराई जाएंगी। इसके लिए शिक्षकों को मनोदर्पण पोर्टल से सामग्री मिलेगी। स्कूलों में शिकायत पेटिका भी लगाई जाएगी, ताकि बच्चे अपनी समस्याएं बिना डरे लिख सकें।

