Himachal News: हिमाचल प्रदेश के नए सरकारी मेडिकल कॉलेजों में अनुभवी डॉक्टरों और प्रोफेसरों की भारी कमी चल रही है। इस बड़ी समस्या को दूर करने के लिए राज्य सरकार ने एक अहम कदम उठाया है। अब सरकार सेवानिवृत्त हो चुके मेडिकल प्रोफेसरों को अनुबंध (कॉन्ट्रैक्ट) के आधार पर दोबारा नौकरी देगी। इस फैसले से मरीजों को बेहतर इलाज मिलेगा और मेडिकल छात्रों की पढ़ाई भी सुचारू रूप से चल सकेगी।
हर महीने मिलेगी 2.50 लाख रुपये की फिक्स सैलरी
चिकित्सा शिक्षा एवं अनुसंधान विभाग ने इस नई योजना को पूरी तरह से हरी झंडी दे दी है। इसके तहत क्लीनिकल और नॉन-क्लीनिकल विशेषज्ञता वाले रिटायर्ड प्रोफेसरों की सेवाएं ली जाएंगी।
- नियुक्त होने वाले इन अनुभवी प्रोफेसरों को हर महीने 2.50 लाख रुपये का फिक्स मानदेय मिलेगा।
- यह भर्तियां सिरमौर जिले के डॉ. वाईएसपीजीएमसी नाहन में की जाएंगी।
- मंडी के एसएलबीएसजीएमसी नेरचौक मेडिकल कॉलेज में भी तैनाती होगी।
- इसके साथ ही डॉ. आरकेजीएमसी हमीरपुर और पंडित जेएलएनजीएमसी चंबा के लिए भी प्रोफेसर रखे जाएंगे।
विभाग जल्द जारी करेगा भर्तियों का विज्ञापन
सरकार का मुख्य लक्ष्य मेडिकल कॉलेजों में पढ़ाई के गिरते स्तर को सुधारना है। सरकार चाहती है कि आम मरीजों को उच्च स्तरीय स्वास्थ्य सुविधाएं उनके अपने जिले में ही मिल सकें। सरकार ने चिकित्सा शिक्षा विभाग को इस प्रक्रिया में तेजी लाने के निर्देश दिए हैं। विभाग इन खाली पदों को भरने के लिए तुरंत विज्ञापन जारी करेगा। इसके बाद योग्य रिटायर्ड प्रोफेसर इन पदों के लिए अपना आवेदन कर सकेंगे।

