Himachal News: हिमाचल प्रदेश की शूलिनी यूनिवर्सिटी में एक छात्र की दर्दनाक मौत से भारी बवाल मच गया है। 21 साल के नितिन ने फंदा लगाकर अपनी जान दे दी। छात्रों के भारी विरोध के बाद पुलिस ने बड़ा एक्शन लिया है। पुलिस ने यूनिवर्सिटी प्रशासन के खिलाफ आत्महत्या के लिए उकसाने का केस दर्ज किया है। शुरुआती जांच में कई चौंकाने वाले तथ्य सामने आए हैं।
डायरी में छिपा है नितिन की मौत का असली सच
रोहड़ू के रहने वाले नितिन ने सोलन की मधुबन कॉलोनी में फांसी लगाई। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस अस्पताल पहुंची। पुलिस को मौके से एक रस्सी, मोबाइल फोन और एक डायरी मिली है। इस डायरी में नितिन ने अपनी परेशानी का खुलकर जिक्र किया है। उसने लिखा है कि वह बहुत परेशान होकर यह खौफनाक कदम उठा रहा है।
प्लेसमेंट के नाम पर हुआ था बहुत बड़ा धोखा
नितिन की मौत की खबर फैलते ही कैंपस में छात्रों का गुस्सा भड़क गया। सैकड़ों छात्रों ने प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। छात्रों ने यूनिवर्सिटी पर बहुत ही गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि नितिन का हाल ही में प्लेसमेंट हुआ था। लेकिन उसे बताया गया वेतन और असल वेतन में जमीन-आसमान का फर्क था। कम पैसे और आर्थिक तंगी के कारण वह गहरे मानसिक तनाव में चला गया था।
पुलिस ने कसा यूनिवर्सिटी प्रशासन पर कड़ा शिकंजा
छात्रों ने 100 फीसदी प्लेसमेंट के दावों को पूरी तरह झूठा बताया है। पुलिस पहले इस मामले की सामान्य जांच कर रही थी। लेकिन छात्रों के गुस्से और सबूतों को देखकर एफआईआर दर्ज कर ली गई है। सुसाइड नोट, रस्सी और विसरा को जांच के लिए जुंगा लैब भेजा गया है। प्लेसमेंट से जुड़े अधिकारियों से अब कड़ी पूछताछ हो रही है। नितिन का शव पोस्टमार्टम के बाद परिवार को सौंप दिया गया है। लेकिन कैंपस में अभी भी भारी तनाव का माहौल है।

