Himachal News: हिमाचल प्रदेश के मंडी जिले में निजी स्कूलों की मनमानी के खिलाफ प्रशासन ने मोर्चा खोल दिया है। गोहर उपमंडल के एसडीएम ने चच्योट क्षेत्र के छह प्रमुख प्राइवेट स्कूलों को नोटिस जारी कर सख्त चेतावनी दी है। प्रशासन को शिकायत मिली थी कि स्कूल प्रबंधन अभिभावकों को एक खास वेंडर से ही महंगी किताबें और स्टेशनरी खरीदने के लिए मजबूर कर रहे हैं। एसडीएम ने आदेश दिया है कि अब स्कूल किसी विशेष दुकानदार के नाम का दबाव नहीं बना सकेंगे।
अभिभावकों की जेब पर डाका और वेंडर का एकाधिकार
स्थानीय दुकानदार संजय कुमार की शिकायत पर प्रशासन ने यह बड़ी कार्रवाई अमल में लाई है। शिकायत के अनुसार, निजी स्कूल हिमाचल प्रदेश स्कूल शिक्षा बोर्ड की किताबों के अलावा अन्य निजी प्रकाशकों की किताबें भी पढ़ा रहे हैं। ये किताबें बाजार में अन्य पंजीकृत विक्रेताओं के पास उपलब्ध नहीं होती हैं। इससे अभिभावकों को मजबूरी में उसी विशेष वेंडर के पास जाना पड़ता है, जहां उन्हें एमआरपी पर किताबें और स्टेशनरी खरीदनी पड़ती है। प्रशासन ने अब इस ‘एकाधिकार’ को खत्म करने का आदेश दिया है।
इन स्कूलों को मिला नोटिस, आदेश न मानने पर होगी कार्रवाई
प्रशासन ने ऑकलैंड पब्लिक स्कूल गणई, ट्रिनिटी पब्लिक स्कूल (बासा और चैल चौक), डीएवी पब्लिक स्कूल बासा, कृष्णा पब्लिक स्कूल स्यांज और एसवीएम गणेश चौक को निर्देश जारी किए हैं। एसडीएम ने स्पष्ट किया है कि स्कूल प्रबंधन पाठ्य पुस्तकों की सूची सार्वजनिक रूप से प्रदर्शित करें। अभिभावक किसी भी पंजीकृत दुकान से पुस्तकें खरीदने के लिए स्वतंत्र हैं। यदि स्कूल परिसर में किताबें उपलब्ध करवाई जाती हैं, तो वह पूरी तरह वैकल्पिक होनी चाहिए। आदेश का उल्लंघन करने पर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

