Himachal News: हिमाचल प्रदेश के बिलासपुर जिले में शिक्षा व्यवस्था पर एक बड़ा दाग लगा है। स्कूल शिक्षा बोर्ड की परीक्षाओं में भारी धांधली का पर्दाफाश हुआ है। फॉरेंसिक जांच में परीक्षा पेपर से छेड़छाड़ (टेंपरिंग) की पुष्टि हो गई है। यह पूरा मामला झंडूता क्षेत्र के राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय ज्योरा से जुड़ा है। यहां ड्राइंग विषय की उत्तर पुस्तिकाओं में बड़ी गड़बड़ी की गई है। इस खुलासे के बाद छात्रों और उनके परिजनों में भारी आक्रोश है। परिजनों ने बिलासपुर परिधि गृह में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस की। उन्होंने बोर्ड से दोषियों पर तुरंत सख्त कानूनी कार्रवाई की मांग की है।
परीक्षा केंद्र को ही बना दिया कलेक्शन सेंटर
परिजनों ने स्कूल शिक्षा बोर्ड की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। उनका सबसे बड़ा आरोप नियमों की अनदेखी का है। जिस स्कूल में परीक्षा हुई थी, उसे ही कलेक्शन सेंटर बना दिया गया। यह फैसला बोर्ड के नियमों के बिल्कुल खिलाफ है। परीक्षा खत्म होने के बाद कॉपियां तुरंत बोर्ड को नहीं भेजी गईं। उत्तर पुस्तिकाएं काफी समय तक उसी स्कूल में पड़ी रहीं। इसी समय का फायदा उठाकर कॉपियों के साथ बड़े स्तर पर छेड़छाड़ की गई।
ड्राइंग में कम अंक आने से मेरिट से बाहर हुए मेधावी छात्र
इस धांधली का सबसे ज्यादा नुकसान मेधावी छात्रों को उठाना पड़ा है। जब परीक्षा परिणाम आया तो सभी लोग हैरान रह गए। छात्रों को ड्राइंग विषय में असामान्य रूप से कम नंबर दिए गए थे। बच्चों को शक हुआ और उन्होंने अपनी शिकायत दर्ज कराई। इसके बाद बोर्ड ने कॉपियों की फॉरेंसिक जांच करवाई। जांच रिपोर्ट में साबित हो गया कि कॉपियों से छेड़छाड़ हुई है। इस गड़बड़ी के कारण कई टॉपर छात्र मेरिट लिस्ट से पूरी तरह बाहर हो गए हैं।
भविष्य से हो रहा खिलवाड़, दोषियों को मिले कड़ी सजा
छात्रों और उनके माता-पिता ने प्रदेश स्कूल शिक्षा बोर्ड से कड़े कदम उठाने की अपील की है। उनका कहना है कि इस मामले में कार्रवाई करने में देरी हो रही है। यह सीधे तौर पर मासूम छात्रों के भविष्य के साथ भद्दा मजाक है। परिजनों ने चेतावनी दी है कि बच्चों का हक मारने वाले लोगों को बख्शा नहीं जाना चाहिए। शिक्षा बोर्ड और प्रशासन को मिलकर तुरंत कड़ा एक्शन लेना चाहिए।

