Himachal News: हिमाचल प्रदेश में शिक्षा विभाग ने एक बहुत बड़ा फैसला लिया है। राज्य के जिन सरकारी स्कूलों में एक भी छात्र ने दाखिला नहीं लिया था, उन पर ताला लगा है। प्रदेश सरकार ने शून्य नामांकन वाले 24 स्कूलों को हमेशा के लिए बंद कर दिया है। शिक्षा निदेशालय ने इस बड़े फैसले की आधिकारिक अधिसूचना जारी कर दी है। सरकार के इस सख्त कदम से शिक्षा विभाग और शिक्षकों के बीच भारी हड़कंप मचा हुआ है।
शिमला जिले में बंद हुए सबसे ज्यादा स्कूल
शिमला जिले में सबसे ज्यादा 16 स्कूल बंद किए गए हैं। इनमें 15 प्राथमिक और एक माध्यमिक विद्यालय शामिल हैं। लाहौल-स्पीति जिले के चार माध्यमिक विद्यालयों पर भी ताला लगा है। सिरमौर जिले के तीन और सोलन के एक स्कूल को डी-नोटिफाई किया गया है। शून्य नामांकन वाले इन स्कूलों को बंद करने का आदेश तुरंत लागू हुआ है। सरकार अब बंद पड़े इन स्कूलों के सभी संसाधनों का अन्य जगहों पर बेहतर ढंग से उपयोग करेगी।
शिक्षकों और कर्मचारियों का दूसरी जगह होगा समायोजन
शिक्षा सचिव राकेश कंवर ने इन स्कूलों को बंद करने के स्पष्ट आदेश दिए हैं। शिक्षा व्यवस्था को ज्यादा प्रभावी बनाने के लिए यह बड़ा कदम उठाया गया है। इससे सरकारी संसाधनों की भारी बर्बादी पर रोक लगेगी। निदेशालय ने सभी उपनिदेशकों से अनुपालन रिपोर्ट जल्दी मांगी है। बंद हुए स्कूलों के शिक्षकों और अन्य कर्मचारियों को अब दूसरी जगहों पर भेजा जाएगा। खाली पड़े भवनों और अहम रिकॉर्ड का समायोजन सरकार के नए नियमों के तहत ही होगा।
इन प्राथमिक और माध्यमिक विद्यालयों पर लगा ताला
सरकार की सूची के अनुसार शिमला में जीपीएस जरला, सराहन, सेरीधार, शकरोट, रुन्पु, पिथवी, सुनोग और सेंजखड्ड स्कूल बंद हुए हैं। इसके अलावा शिमला के खरनोटू, मजहाली, शरण, शील, मस्टोट, झाड़ाशली और हिंगोरी पर ताला लगा है। सिरमौर में भनट, लाना कसार, चूरन और सोलन का बखेला स्कूल डी-नोटिफाई हुआ है। माध्यमिक स्कूलों में शिमला का रुन्पु स्कूल हमेशा के लिए बंद हुआ है। लाहौल-स्पीति के सालपत, जिस्पा, गोहेरमा और जसरथ स्कूल भी बंद कर दिए गए हैं।

