Himachal News: हिमाचल प्रदेश सरकार ने राज्य के निर्माण श्रमिकों को बड़ी सौगात दी है। राज्य में जल्द ही सौ ‘श्रमिक मित्रों’ की आउटसोर्स आधार पर सीधी भर्ती होगी। भवन एवं सन्निर्माण कामगार कल्याण बोर्ड ने सोमवार को इस अहम फैसले पर अंतिम मुहर लगा दी। इसके साथ ही नए वित्तीय वर्ष के लिए दो सौ ग्यारह करोड़ रुपये का बजट पास कर दिया गया है। इस फैसले से हजारों बेरोजगार युवाओं और पंजीकृत मजदूरों को सीधा लाभ मिलेगा। बोर्ड की इस पहल का सभी स्वागत कर रहे हैं।
बोर्ड की बैठक में हुआ 211 करोड़ के भारी बजट का ऐलान
बोर्ड के निदेशक मंडल की यह अहम बैठक अध्यक्ष नरदेव सिंह कंवर की अध्यक्षता में हुई। इस बैठक में वित्तीय वर्ष दो हजार पच्चीस और छब्बीस के लिए भारी-भरकम बजट को मंजूरी मिली। कुल दो सौ ग्यारह करोड़ सैंतालीस लाख रुपये का वार्षिक बजट पास हुआ है। इसमें से एक सौ पांच करोड़ रुपये सिर्फ सामाजिक कल्याण योजनाओं के लिए रखे गए हैं। यह पैसा पंजीकृत लाभार्थियों और उनके परिवारों के कल्याण पर खर्च होगा। यह श्रमिकों की भलाई है।
श्रमिक मित्रों की भर्ती और हिमकेयर योजना का मिलेगा लाभ
राज्य में श्रमिकों तक सरकारी सुविधाओं की आसान पहुंच सुनिश्चित की जाएगी। इसके लिए पूरे प्रदेश में कुल सौ श्रमिक मित्रों की नियुक्ति का ऐतिहासिक निर्णय लिया गया है। यह भर्ती आउटसोर्स आधार पर बहुत जल्द शुरू की जाएगी। इसके अलावा सभी पात्र लाभार्थियों को राज्य सरकार की मशहूर हिमकेयर योजना से जोड़ा जाएगा। इससे गरीब मजदूरों को मुफ्त और बेहतर इलाज की सुविधा मिल सकेगी। इस कदम से कामगारों को योजनाओं का लाभ मिलेगा।
कौशल विकास और जागरूकता अभियानों पर खर्च होंगे करोड़ों
कामगारों के बेहतर भविष्य के लिए सरकार ने विशेष योजना बनाई है। अध्यक्ष नरदेव कंवर ने बताया कि श्रमिकों और उनके बच्चों के लिए कौशल प्रशिक्षण कार्यक्रम चलाए जाएंगे। इसके लिए पांच करोड़ रुपये का अलग से बजट पास किया गया है। लोगों को उनके अधिकारों के प्रति जागरूक करने के लिए विशेष अभियान चलेंगे। सूचना, शिक्षा और संचार गतिविधियों के जरिए हर मजदूर तक सही जानकारी पहुंचाई जाएगी। प्रशिक्षण मिलने से नए रोजगार मिलेंगे।
ई-सोमसा से जुड़ेंगी पेंशन योजनाएं और नया कार्यालय तैयार
पेंशन प्रक्रियाओं को अब पहले से अधिक पारदर्शी और सरल बनाया जा रहा है। वृद्धावस्था, विधवा, दिव्यांग पेंशन और बेटी जन्म जैसी योजनाओं को ई-सोमसा पोर्टल से जोड़ा जाएगा। बोर्ड ने पंजीकृत मजदूरों की ई-केवाईसी और भौतिक सत्यापन को तुरंत तेज करने के सख्त निर्देश दिए हैं। इसके अलावा बोर्ड का मुख्यालय अब पुराने एसडीएम कार्यालय से हटाकर नई जगह शिफ्ट होगा। यह नया कार्यालय हमीरपुर के नए बस स्टैंड स्थित निर्माणाधीन भवन में बनेगा।
पारदर्शिता और तेजी से काम करने पर बोर्ड का विशेष जोर
इस अहम बैठक में बोर्ड के मुख्य कार्यकारी अधिकारी राजीव कुमार भी मौजूद रहे। अधिकारियों ने दावों के निपटान में तेजी लाने पर जोर दिया। इस योजना के तहत कुछ अहम कदम उठाए जाएंगे:
- श्रमिकों की ई-केवाईसी को जल्द पूरा किया जाएगा।
- पेंशन का पैसा सीधे बैंक खातों में भेजा जाएगा।
- हिमकेयर योजना के कार्ड तुरंत बनाए जाएंगे।
इन तकनीकी बदलावों से भ्रष्टाचार पर लगाम लगेगी और मजदूरों को उनका हक जल्दी मिलेगा।

