Himachal Pradesh News: हिमाचल प्रदेश स्कूल शिक्षा बोर्ड की परीक्षाओं को लेकर एक अहम खबर है। इस बार बोर्ड परीक्षाओं में नकल के मामलों में भारी गिरावट आई है। दसवीं और बारहवीं की उत्तरपुस्तिकाओं की चेकिंग का काम शुरू हो गया है। शिक्षा बोर्ड ने मूल्यांकन के लिए हजारों शिक्षकों की ड्यूटी लगाई है। छात्रों का परीक्षा परिणाम 30 अप्रैल से पहले घोषित करने का लक्ष्य रखा गया है।
नकल पर कसी नकेल, पकड़े गए सिर्फ 59 छात्र
शिक्षा बोर्ड के चेयरमैन डॉ. राजेश शर्मा ने वीरवार को एक प्रेसवार्ता की। उन्होंने बताया कि नकल रोकने के लिए चलाए गए अभियान का बड़ा असर दिखा है। पिछले साल 2025 में नकल के 282 मामले सामने आए थे। लेकिन इस बार यह संख्या घटकर केवल 59 रह गई है। शिक्षा बोर्ड ने पूरी सख्ती और पारदर्शिता के साथ परीक्षाओं का संचालन करवाया है।
कॉपियों की चेकिंग शुरू, बनाए गए 41 केंद्र
बोर्ड परीक्षाओं की कॉपियों का मूल्यांकन दो चरणों में हो रहा है। पहला चरण 2 अप्रैल से शुरू हो चुका है। इसके लिए प्रदेश भर में 41 मूल्यांकन केंद्र बनाए गए हैं। मूल्यांकन का दूसरा चरण 16 अप्रैल से शुरू किया जाएगा। कॉपियों की बारीकी से जांच के लिए शिक्षकों की बड़ी फौज लगाई गई है:
- 12वीं की कॉपियां जांचने के लिए 2130 शिक्षक नियुक्त हुए हैं।
- 10वीं के पेपर चेक करने के लिए 2900 शिक्षकों की ड्यूटी लगी है।
30 अप्रैल से पहले आएगा रिजल्ट, मिलेगी करियर गाइडेंस
मूल्यांकन के पहले चरण में 12वीं की संस्कृत, अंग्रेजी, अर्थशास्त्र, भौतिकी, हिंदी, अकाउंटेंसी और जीव विज्ञान की कॉपियां चेक हो रही हैं। वहीं, 10वीं कक्षा की अंग्रेजी, हिंदी, गणित और विज्ञान की उत्तरपुस्तिकाएं जांची जा रही हैं। डॉ. राजेश शर्मा ने स्पष्ट किया कि बोर्ड का पूरा प्रयास दोनों कक्षाओं का रिजल्ट 30 अप्रैल से पहले जारी करने का है। इसके साथ ही शिक्षा बोर्ड अब बच्चों के बेहतर भविष्य के लिए करियर काउंसलिंग भी करेगा।

