Himachal News: हिमाचल में अपना घर बनाने का सपना महंगा हो गया है। निर्माण सामग्री के दाम तेजी से बढ़ रहे हैं। ईंटों के बाद सीमेंट और सरिये की कीमतों में भारी उछाल आया है। सीमेंट कंपनियों ने प्रति बैग पंद्रह रुपये की बढ़ोतरी की है। पिछले बीस दिनों में सरिये की कीमत एक हजार रुपये प्रति क्विंटल तक बढ़ गई है। इस नई महंगाई ने आम आदमी का पूरा बजट बुरी तरह बिगाड़ दिया है।
सीमेंट की नई कीमतों ने तोड़ी कमर
सोमवार से लागू नई दरों के कारण बाजार में सीमेंट काफी महंगा हो गया है। एसीसी सुरक्षा सीमेंट का बैग अब चार सौ दस रुपये में मिलेगा। एसीसी गोल्ड की कीमत चार सौ पचास रुपये तक पहुंच गई है। वहीं जंग रोधक सीमेंट तीन सौ पचानवे रुपये में बिक रहा है। अंबुजा सीमेंट की कीमत चार सौ पच्चीस रुपये हो गई है। अल्ट्राटेक चार सौ दस और बांगड़ सीमेंट चार सौ रुपये प्रति बैग के हिसाब से मिल रहा है।
सरिये और ईंटों के दामों में भयंकर आग
सीमेंट के साथ सरिये की कीमतों में बड़ा उछाल आया है। हमीरपुर में बारह एमएम सरिये के दाम छियासठ सौ रुपये तक पहुंच गए हैं। टाटा का सरिया अब सात हजार रुपये प्रति क्विंटल बिक रहा है। जिंदल सरिया छियासठ सौ और कामधेनु सरिया सड़सठ सौ रुपये का हो गया है। हाल ही में ईंटों के दाम भी तीन रुपये तक बढ़े हैं। इन सभी चीजों के महंगे होने से मकान बनाने की लागत बहुत अधिक बढ़ गई है।
आखिर क्यों अचानक आसमान छू रहे हैं दाम?
विशेषज्ञों ने इस महंगाई के पीछे चार मुख्य कारण बताए हैं। पहला कारण कच्चे माल की कीमतों में भारी वृद्धि होना है। दूसरा बड़ा कारण डीजल और पेट्रोल का महंगा होना है। ईंधन महंगा होने से परिवहन खर्च बढ़ गया है। तीसरा कारण अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चल रहे युद्ध की स्थिति है। इसके अलावा कोयले की कीमतों में लगातार इजाफा भी अहम वजह है। इन सभी बड़े कारकों ने घर बनाने की सामग्री को बहुत ज्यादा महंगा कर दिया है।


