Mumbai News: नौसेना प्रमुख एडमिरल दिनेश के. त्रिपाठी ने बुधवार को बड़ा खुलासा किया। उन्होंने बताया कि ऑपरेशन सिंदूर के दौरान भारतीय नौसेना समुद्र से पाकिस्तान पर कुछ ही मिनटों में हमला करने वाली थी। तभी पाकिस्तान ने सैन्य कार्रवाई रोकने का अनुरोध किया।
मुंबई समारोह में एडमिरल त्रिपाठी का बयान
वह मुंबई मेंनौसेना अलंकरण समारोह को संबोधित कर रहे थे। इस दौरान उन्होंने दो शीर्ष नौसेना अधिकारियों को युद्ध सेवा पदक से सम्मानित किया। यह सम्मान पिछले साल चलाए गए ऑपरेशन सिंदूर में उनकी विशिष्ट सेवा के लिए दिया गया। यह ऑपरेशन पहलगाम आतंकी हमले के बाद शुरू किया गया था।
नौसेना ने दिखाई अनुकरणीय तत्परता
एडमिरल त्रिपाठीने कहा कि ऑपरेशन सिंदूर ने भारतीय नौसेना की तैयारी और दृढ़ संकल्प को साबित कर दिया। नौसेना की इकाइयों ने तुरंत तैनाती की। उन्होंने पूरे अभियान में बेहद आक्रामक रुख बनाए रखा। उन्होंने साफ कहा, “अब यह कोई छिपी बात नहीं है। जब पाकिस्तान ने सैन्य कार्रवाई रोकने का अनुरोध किया, तब हम समुद्र से उस पर कुछ ही मिनटों में हमला करने वाले थे।”
प्रधानमंत्री के सामने नौसेना ने दिखाया दमखम
नौसेनाप्रमुख ने आगे बताया कि इस ऑपरेशन ने राष्ट्र का विश्वास और मजबूत किया। उन्होंने कहा कि ऑपरेशन सिंदूर के अलावा एक और उपलब्धि पर गर्व है। पश्चिमी तट पर 17 घंटे की ऐतिहासिक रात्रिकालीन यात्रा के दौरान नौसेना ने प्रधानमंत्री के सामने अपनी परिचालन क्षमताओं का प्रदर्शन किया।
होर्मुज जलडमरूमध्य में संकट के बादल
पश्चिम एशियाके संघर्ष पर बात करते हुए एडमिरल त्रिपाठी ने कहा कि अमेरिका, इजराइल और ईरान के बीच युद्ध शुरू होने के बाद यहां 20 से अधिक वाणिज्यिक जहाजों पर हमले हो चुके हैं। उन्होंने बताया कि इस संघर्ष में करीब 1,900 जहाज फंसे हुए हैं। होर्मुज जलडमरूमध्य से रोजाना गुजरने वाले जहाजों की संख्या पहले 130 थी। अब यह घटकर सिर्फ छह से सात रह गई है।


